
चुवाड़ी (चंबा)। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानियां के गृह क्षेत्र भटियात विधान सभा क्षेत्र की एक मात्र नगर पंचायत चुवाड़ी में कूड़ा संयंत्र तक नहीं है। इस कारण नगर पंचायत के कूड़े को चुवाड़ी के साथ लगते वन क्षेत्र में एक जगह ढ़ेर लगाकर जलाया जाता है। इससे प्रदूषण फैलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि सरकार के कूड़ा संयंत्र लगा कर कूड़े को वैज्ञानिक ढ़ंग से निस्तारण किए जाने के सख्त आदेश हैं, लेकिन जिले की एक मात्र नगर पंचायत चुवाड़ी में यह नियम सारे हवा साबित हो रहे हैं। वर्ष1982 में बनी नगर पंचायत में तीन दशक से ज्यादा समय निकल जाने के बाद अभी तक कूड़ा संयंत्र सरकारी फाइलों में ही लटका है। कूड़ा संयंत्र न होने से नगर पंचायत से एकत्रित सारे कूड़े को नगर पंचायत नियमों को दरकिनार कर चुवाड़ी के साथ जंगलों में ठिकाने लगाने का काम बेधड़क कर रही है। यह सब देखकर वन विभाग भी मूक दर्शक बना हुआ है। कूड़े को चुवाड़ी के साथ लगती तुरकड़ा पंचायत क्षेत्र के अधीन आते जंगल में ठिकाने लगाने के लिए वन क्षेत्र में जेसीबी लगाकर लगभग तीस मीटर के बड़े गड्ढे को बनाया गया है। इसमें इस कूड़े को करीब दस वर्षों से डाला जा रहा है। जंगल में कूड़ा फें कने व जलाने से जंगल के कई पेड़ सूख चुके है व कई सूखने की कगार पर है। तुरकड़ा पंचायत ने कई बार ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर कूड़ा फेंकने के बारे में कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर पंचायत को नोटिस जारी किए, लेकिन नगर पंचायत के प्रतिनिधि कूड़ा संयंत्र लगाने की बजाय कूड़ा समस्या को लेकर हर बार शासन व प्रशासन के पास पहुंच जाती है। प्रशासन के हस्तक्षेप से वन विभाग के वन नियम व पंचायत के नोटिस नियमों के आगे बोने साबित हो जाते हैं।
कोर्ट जाने की तैयारी
तुरकड़ा पंचायत के प्रधान विजय कुमार का कहना है कि अगर समय रहते पंचायत के अधिकार क्षेत्र में कूड़ा फेंकना बंद नही किया गया, तो वन विभाग व नगर पंचायत के खिलाफ कोर्ट में जाएगें। नगर पंचायत के ईओ आरएस वर्मा का कहना है कि अभी कूड़ा संयत्र लगाने के लिए प्रयास जारी है।
सहायता की जाएगी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि अगर नगर पंचायत को कूड़ा संयंत्र लगाने के लिए किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता है, तो वह अवश्य करेगें। उन्होंने नगर पंचायत को सारी औपचारिकताएं पूरी कर कूड़ा संयंत्र लगाने के निर्देश दिए हैं।
